मित्रों कल मिलते हैं मेरी पुस्तक “कारगिल : एक यात्री की ज़ुबानी” की परिचर्चा में। विश्व पुस्तक मेले में अगर आप अभी नहीं पधारे तो कल ही पधारें। पुस्तक मेला 18 फ़रवरी तक ही है।
जय हिन्द।
मित्रों कल मिलते हैं मेरी पुस्तक “कारगिल : एक यात्री की ज़ुबानी” की परिचर्चा में। विश्व पुस्तक मेले में अगर आप अभी नहीं पधारे तो कल ही पधारें। पुस्तक मेला 18 फ़रवरी तक ही है।
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