हैं और भी दुनिया में सुख़न-वर बहुत अच्छेकहते हैं कि ‘ग़ालिब’ का है अंदाज़-ए-बयाँ औरमिर्ज़ा ग़ालिब खां साहब की स्मृति को नमन…ग़ालिब की मज़ार:- निज़ामुद्दीन क्षेत्र : दिल्ली
हैं और भी दुनिया में सुख़न-वर बहुत अच्छेकहते हैं कि ‘ग़ालिब’ का है अंदाज़-ए-बयाँ औरमिर्ज़ा ग़ालिब खां साहब की स्मृति को नमन…ग़ालिब की मज़ार:- निज़ामुद्दीन क्षेत्र : दिल्ली